कोशातकी
कलिङ्ग
तुरी
पटोलिका
तुरीणी
वार्षिक आरोही लता
भारत के उष्णकटिबंधीय एवं उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में सर्वत्र खेती की जाती है। बाड़ों, खेतों व उद्यानों में साधारणतया पाई जाती है।
कुकुर्बिटासिन (Cucurbitacins)
सैपोनिन
फ्लेवोनॉयड्स
स्टेरॉल्स
प्रोटीन व वसा (बीजों में)
खनिज पदार्थ (Ca, P, Fe)
Rasa- तिक्त, कटु
Guna- लघु, तीक्ष्ण
Virya- उष्ण
Vipaka- कटु
Karma- वमनकारी, कृमिघ्न, शोथहर, कफघ्न, दीपन, पाचन, विरेचक, यकृतशोधक
Doshakarma- कफ-वात शामक,
पित्त वर्धक
कफज विकारों (कास, श्वास, दमा) में वमन हेतु
कृमिरोग एवं आन्त्रशोध में उपयोगी
यकृत व प्लीहा विकारों में लाभकारी
शोथ व सूजन में औषधीय
ज्वर व आमविकारों में उपयोगी
विरेचक व पाचन सुधारक
फल, बीज, मूल, पंचांग
फल रस : 10–20 मिलीलीटर
बीज चूर्ण : 3–6 ग्राम
क्वाथ : 40–80 मिलीलीटर
कोशातकी चूर्ण
कोशातकी क्वाथ
कोशातकी फल रस (वमन हेतु)
कोशातकी तिक्ता कटुका कफवातविनाशिनी।
वमनार्था कृमिघ्ना च शोथपाण्डुप्रणाशिनी॥
"कोशातकीतिक्तोष्णाकफवातविनाशिनी।
वमनीकृमिनाशिनीकुष्ठपाण्ड्वामयापहा॥"
(Reference – Bhavaprakasha Nighantu)
तुरई, झींगी, न्यौरी, झिंगली
Ridge gourd, Ribbed gourd
Luffa acutangula (L.) Roxb.
Cucurbitaceae
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